🏵️🏵️🏵️माहे रमज़ान🏵️🏵️🏵️

माहे रमज़ान की आमद सबको मुबारक हो
ख़ुदा करे हर तरफ खुशियों की इबारत हो
इसकी बरकात से हर सिम्त में अमन व आमान हो
मेरे मौला हर क़ल्ब में बस ईमान ही ईमान हो

सज़दे में जाऊं तो ख़ुदारा बस तेरी ही याद हो
जो उठे हाथ दुआ को तो बस यही फरियाद हो
बिगड़ी बना दो जिसमें सब की खुशहाली हो
मुझसे पहले अगर दूसरा कोई सवाली  हो

बारगाहे ख़ुदाबंदी में दुआग़ो सभी अफ़राद हों
तेरी रहमतों से ज़िंदगियाँ सबकी आबाद हों

ख़ुदाया मेरी भी सुन लो आप तो सबकी सुनते हो
माहे रमज़ान के सदके सबकी बिगड़ी बनाते हो

तू मालिक है तू ख़ालिक है मायूस नहीं करते हो
जो हाथ उठा हो दुआ को खाली नहीं लौटाते हो

माहे रमज़ान की आमद सबको मुबारक़ हो
ख़ुदा करे हर तरफ खुशियों की इबारत हो

               Dr.Shamim